भारत ने सुखना आर्द्रभूमि और सौज झील को नए रामसर स्थलों के रूप में शामिल किया।
| प्रमुख घटना | विवरण | |---------------------------------|----------------------------------------------------------------| | नए रामसर स्थलों को शामिल किया गया | सुखना आर्द्रभूमि (चंडीगढ़) और सौज झील (उत्तर प्रदेश) को 15 अक्टूबर 2026 को भारत की रामसर सूची में शामिल किया गया, जिससे देश में रामसर स्थलों की कुल संख्या 103 हो गई। | | सुखना आर्द्रभूमि के बारे में | - चंडीगढ़ के निकट स्थित शहरी जलाशय, जो बाहरी हिमालय की तलहटी में स्थित है।<br>- जल प्रवाह और तलछट को नियंत्रित करने में मदद करता है तथा प्रवासी पक्षियों (जैसे कॉमन पोचार्ड, पालास फिश ईगल और ब्लैक पॉन्ड टर्टल) को आश्रय प्रदान करता है।<br>- मध्य एशियाई फ्लाईवे प्रवासी मार्ग का हिस्सा है।<br>- शिवालिक पहाड़ियों में स्थित वर्षा-आधारित कृत्रिम झील, जिसका निर्माण 1958 में ले कॉर्बुज़िए ने करवाया था। | | सौज झील के बारे में | - गंगा नदी के बाढ़ मैदानों में स्थित मीठे पानी की झील, जो समन पक्षी अभयारण्य के निकट है।<br>- यहाँ 30,000 से अधिक जलपक्षी पाए जाते हैं। यह एक महत्त्वपूर्ण पक्षी एवं जैव विविधता क्षेत्र (IBA) है।<br>- प्रमुख प्रजातियाँ: सारस क्रेन और ग्रेटर स्पॉटेड ईगल।<br>- वनस्पति: पवित्र कमल और जंगली गन्ना। |

